बिहार पंचायत चुनाव: परिसीमन और आरक्षण रोस्टर के बाद ही होंगे चुनाव, मंत्री दीपक प्रकाश का बड़ा बयान

बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलों के बीच राज्य के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने बड़ा और स्पष्ट संकेत दिया है। उन्होंने कहा है कि पंचायत चुनाव तभी कराए जाएंगे, जब परिसीमन और नए आरक्षण रोस्टर की प्रक्रिया पूरी तरह से संपन्न हो जाएगी। मंत्री के इस बयान से यह भी साफ हो गया है कि इन प्रशासनिक प्रक्रियाओं के चलते चुनाव की तय समय-सीमा आगे खिसक सकती है।

बख्तियारपुर में एनडीए कार्यकर्ताओं का जोरदार स्वागत

शुक्रवार सुबह मंत्री दीपक प्रकाश जब पटना से मधेपुरा जा रहे थे, तो रास्ते में बख्तियारपुर फोरलेन मोड़ पर NDA कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। कार्यकर्ताओं ने फूल-माला और अंगवस्त्र भेंटकर मंत्री को सम्मानित किया और “दीपक प्रकाश जिंदाबाद”, “एनडीए जिंदाबाद” के नारे लगाए। इस मौके पर सबनिमा गांव के युवा समाजसेवी विद्या प्रकाश, राष्ट्रीय लोक मोर्चा पटना पूर्वी जिलाध्यक्ष पंकज कुमार सहित बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता मौजूद रहे। स्वागत के बाद मंत्री ने असम टी स्टॉल पर रुककर कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और उनकी समस्याएं व सुझाव भी सुने।

पहले परिसीमन, फिर आरक्षण रोस्टर, तब चुनाव

मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री दीपक प्रकाश ने प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि सबसे पहले परिसीमन का कार्य पूरा किया जाएगा, उसके बाद नए आरक्षण रोस्टर का निर्धारण होगा, और इन दोनों प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही पंचायत चुनाव संपन्न कराए जाएंगे। मंत्री ने भरोसा जताया कि राज्य निर्वाचन आयोग इस दिशा में सक्रियता से काम कर रहा है, और राज्य सरकार आयोग को हर संभव सहयोग दे रही है।
हालांकि, संभावित चुनाव तिथि को लेकर मंत्री ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उनका कहना था कि परिसीमन की समय-सीमा तय करने का अधिकार पूरी तरह चुनाव आयोग के पास है, और विभाग इस प्रक्रिया में सीधे हस्तक्षेप नहीं करता।

ओबीसी आरक्षण और ट्रिपल टेस्ट पर सरकार का रुख

ओबीसी आरक्षण और ट्रिपल टेस्ट से जुड़े सवाल पर मंत्री ने कहा कि सरकार चुनाव आयोग के सभी दिशा-निर्देशों और कानूनी प्रावधानों का पूरी तरह पालन करेगी। यह बयान इसलिए भी अहम है क्योंकि पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण को लेकर पहले भी कानूनी अड़चनें आती रही हैं, और सरकार इस बार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती।

राजनीतिक हलकों में तेज हुई चर्चा

मंत्री दीपक प्रकाश के इस बयान के बाद बिहार में पंचायत चुनाव की संभावित समय-सीमा और तैयारियों को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय नेताओं और संभावित उम्मीदवारों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि परिसीमन और आरक्षण रोस्टर की प्रक्रिया कब तक पूरी होगी।

निष्कर्ष

बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर मंत्री दीपक प्रकाश के बयान से एक बात साफ हो गई है। चुनाव अभी दूर की कौड़ी है। परिसीमन और नए आरक्षण रोस्टर, दोनों प्रक्रियाएं पूरी हुए बिना चुनाव संभव नहीं, और मंत्री ने खुद इशारा दिया कि इससे तय समय-सीमा टल सकती है। साथ ही, तारीख बताने से बचना और जिम्मेदारी चुनाव आयोग पर डालना यह दिखाता है कि सरकार फिलहाल किसी दबाव में जल्दबाजी नहीं करना चाहती। खासकर ओबीसी आरक्षण और ट्रिपल टेस्ट जैसे कानूनी पेचीदा मुद्दों पर, जहां पहले भी अदालती अड़चनें झेली जा चुकी हैं।
दूसरी तरफ, बख्तियारपुर में मिला जोरदार स्वागत यह भी संकेत देता है कि NDA अपने संगठन और कार्यकर्ताओं को ग्रामीण स्तर पर पहले से सक्रिय रखे हुए है — जैसे पार्टी चुनाव से पहले ही जमीन मजबूत करने में जुटी हो, भले ही तारीख का ऐलान अभी बाकी हो।

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