पप्पू यादव का सरकार-विपक्ष दोनों पर हमला, छात्र आंदोलन पर जताई चिंता

सांसद पप्पू यादव ने शनिवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर छात्र आंदोलन, प्रशांत किशोर, तेजस्वी यादव और भाई वीरेंद्र को लेकर कई बड़े बयान दिए। उन्होंने सरकार और विपक्ष दोनों पर निशाना साधते हुए छात्रों पर हो रहे कथित हमलों को लेकर गहरी चिंता जताई।

छात्र आंदोलन पर क्या बोले पप्पू यादव

पप्पू यादव ने कहा कि छात्र आंदोलन अब चिंताजनक मोड़ पर पहुंच गया है और आंदोलनकारी छात्रों को व्यक्तिगत तौर पर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन व्यक्तिगत हमला किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। उनका दावा है कि छात्र स्वयं कह रहे हैं कि उन्हें टारगेट कर के मारा जा रहा है।
आंदोलन के दौरान छात्राओं के साथ हुई कथित घटनाओं पर उन्होंने और भी गंभीर आरोप लगाए। पप्पू यादव के अनुसार, आंदोलन में शामिल रहीं छात्राओं के वीडियो निकालकर बजरंग दल से जुड़े कुछ लोगों द्वारा उनके साथ छेड़खानी की जा रही है, यहां तक कि निजी अंगों पर लाठियों से मारे जाने का भी आरोप उन्होंने लगाया। यह पूरी तरह पप्पू यादव का बयान है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।

प्रशांत किशोर पर तीखा हमला

तेजस्वी यादव को घेरते हुए पप्पू यादव ने प्रशांत किशोर को “एक्सीडेंटल MLA” करार दिया। उनका आरोप है कि तेजस्वी की राजनीतिक रणनीति और विपक्ष के कमजोर पड़ने के कारण ही प्रशांत किशोर विधायक बन सके। पप्पू यादव ने यह भी दावा किया कि प्रशांत किशोर खुद को ईमानदार बताते हैं, लेकिन 15 तारीख के बाद वे पीके के आर्थिक लेन-देन को लेकर बड़ा खुलासा करेंगे।

विपक्ष के नेता पर सामाजिक न्याय बर्बाद करने का आरोप

पप्पू यादव ने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव से सीधा सवाल पूछा। उनका कहना है कि जिस तरह प्रदेश के सामाजिक न्याय को कथित तौर पर नुकसान पहुंचाया गया, उसी तरह बंटी यादव के परिवार को घटना के 20 दिन बाद 5 लाख रुपए दिए गए। पप्पू यादव ने सवाल उठाया कि अगर यह मदद संभव थी, तो भरत तिवारी और नीट मामले की पीड़ित बच्ची के परिवार को भी 1 लाख रुपए क्यों नहीं दिए गए।

भाई वीरेंद्र को लेकर विवादित बयान

पप्पू यादव ने भाई वीरेंद्र को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि भाई वीरेंद्र ईमानदार व्यक्ति हैं और पार्टी तोड़ने के लिए उन्हें 2 करोड़ रुपए की पेशकश की गई थी, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। पप्पू यादव के अनुसार, भाई वीरेंद्र ने कहा था कि वे मरना पसंद करेंगे, लेकिन लालू प्रसाद का साथ नहीं छोड़ेंगे।

“देश में अघोषित कर्फ्यू लगा हुआ है”

प्रेस कॉन्फ्रेंस में पप्पू यादव ने कहा कि देश भर के साधु-संत उनके साथ खड़े हैं और उन्होंने पूरी दुनिया को सनातन धर्म की रक्षा का संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसमें धर्म या जाति का कोई विवाद नहीं है, बल्कि यह सर्वसमावेशी मुद्दा है।

एग्जीक्यूटिव इंजीनियर हत्याकांड पर सरकार को घेरा

एक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर की हत्या के मामले में पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि सरकार “कालनेमी तरीके” से असली अपराधियों को बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि मृतक की पत्नी से उनकी बातचीत हुई, जिसमें पत्नी ने आरोप लगाया कि पति को धमकी भरे फोन आते थे और विधायक स्तर से पैसों की मांग की जाती थी। पप्पू यादव का यह भी दावा है कि पुलिस ने सरकार के दबाव में महज 2 घंटे के भीतर मामले का खुलासा कर दिया, जिस पर उन्होंने सवाल उठाए।

जेन जी और पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक मदद का ऐलान

पप्पू यादव ने एग्जीक्यूटिव इंजीनियर की पत्नी से कहा कि वे सरकार से पैसा न लें, बल्कि वे स्वयं उन्हें 1 करोड़ रुपए देंगे। उन्होंने घोषणा की कि पूरे भारत के जेन-जी युवाओं की मदद के लिए वे आगे आएंगे। साथ ही, नीट मामले में जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को 50 हज़ार रुपए और आंदोलन के दौरान प्रताड़ित किए गए छात्रों को 25 हज़ार रुपए देने का ऐलान किया।

निष्कर्ष

सांसद पप्पू यादव की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस ने बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचल मचा दी है। छात्र आंदोलन को लेकर उनकी चिंता जायज मुद्दों को उठाती है, लेकिन साथ ही उन्होंने सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों पर तीखे आरोप लगाकर सियासी तापमान बढ़ा दिया है। प्रशांत किशोर, तेजस्वी यादव और भाई वीरेंद्र को लेकर दिए गए उनके बयान आने वाले दिनों में नई बहस छेड़ सकते हैं, खासकर 15 तारीख के बाद पीके को लेकर किए जाने वाले कथित खुलासे को लेकर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।
वहीं छात्राओं के साथ छेड़खानी और हत्याकांड में सरकार पर लगाए गए आरोप गंभीर हैं, लेकिन फिलहाल ये सिर्फ पप्पू यादव के दावे हैं, जिनकी प्रशासनिक या न्यायिक पुष्टि होना अभी बाकी है। पीड़ित परिवारों की आर्थिक मदद का उनका ऐलान मानवीय पहलू को उजागर करता है, पर यह देखना दिलचस्प होगा कि यह घोषणा अमल में कब और कैसे आती है। कुल मिलाकर, यह प्रेस कॉन्फ्रेंस बिहार की राजनीति में छात्र आंदोलन को एक नए मोड़ पर ला खड़ा करती है, जिस पर आने वाले दिनों में सरकार और अन्य दलों की प्रतिक्रिया अहम होगी।

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