MLC चुनाव से पहले जदयू में घमासान: अनंत सिंह का नीरज कुमार पर AK-47 वाला आरोप, जवाब मिला- “जाइए कोर्ट”

पटना: बिहार में विधान परिषद की 8 सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले जनता दल यूनाइटेड (JDU) के भीतर एक पुराना राजनीतिक विवाद फिर खुलकर सामने आ गया है। मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने पार्टी के एमएलसी नीरज कुमार के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया है। अनंत सिंह ने साफ कहा कि वह नीरज कुमार को चुनाव में हराने के लिए अपनी पूरी ताकत लगाएंगे। वहीं, नीरज कुमार ने अनंत सिंह के गंभीर आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यदि उनके पास कोई प्रमाण है तो उन्हें अदालत जाना चाहिए।
मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब शुक्रवार को पटना स्थित जेडीयू कार्यालय में पार्टी के विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के लिए प्रबोधन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार समेत कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इसी बीच अनंत सिंह के बयान और नीरज कुमार की प्रतिक्रिया ने पार्टी के भीतर चल रही खींचतान को चर्चा के केंद्र में ला दिया।

‘यह पार्टी का चुनाव नहीं है’, नीरज के खिलाफ अनंत सिंह का ऐलान

अनंत सिंह ने MLC चुनाव को पार्टी का चुनाव मानने से इनकार करते हुए कहा कि इस चुनाव में पार्टी का सिंबल नहीं मिलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने या ललन सिंह ने चुनाव लड़ा था, तब नीरज कुमार ने उनका विरोध किया था।
अनंत सिंह ने कहा कि वह जेडीयू के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन नीरज कुमार के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव में नीरज कुमार को हराने के लिए वह अपनी क्षमता के अनुसार पूरी ताकत लगाएंगे।
उन्होंने यहां तक दावा किया कि नीरज कुमार अपनी जमानत बचा लें, वही बड़ी बात होगी। हालांकि यह अनंत सिंह का चुनावी दावा है, जिसका वास्तविक परिणाम चुनाव प्रक्रिया और मतदान के बाद ही सामने आएगा।

अनंत सिंह का आरोप: AK-47 रखवाकर फंसाया

अनंत सिंह ने बातचीत के दौरान अपने पुराने AK-47 मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने नीरज कुमार पर आरोप लगाया कि उनके घर में AK-47 रखवाकर उन्हें फंसाया गया और जेल भिजवाया गया।
अनंत सिंह ने इस आरोप को साबित करने के लिए नार्को टेस्ट की चुनौती भी दी। उनका कहना था कि यदि पार्टी कहे तो उनका भी टेस्ट कराया जाए और नीरज कुमार का भी।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि AK-47 मामले में नीरज कुमार की भूमिका को लेकर अनंत सिंह द्वारा लगाए गए आरोप उनके दावे हैं। उपलब्ध रिपोर्टिंग में नीरज कुमार ने इन आरोपों को खारिज किया है और प्रमाण होने पर अदालत जाने की बात कही है।

नीरज कुमार का पलटवार- प्रमाण है तो कोर्ट जाइए

अनंत सिंह के आरोपों पर नीरज कुमार ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों का कोई प्रमाण है तो उसे अदालत में प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
नार्को टेस्ट की मांग पर नीरज कुमार ने कहा कि नार्को टेस्ट का फैसला अदालत के अधिकार क्षेत्र में आता है और यदि किसी के पास तथ्य या प्रमाण हैं तो वह कोर्ट में आवेदन कर सकता है।
नीरज कुमार ने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि वह कार्यकर्ताओं के बल पर राजनीति करते हैं। उन्होंने कहा कि उनके पास न धनबल है और न बाहुबल, बल्कि जनबल है।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में कई चुनौतियों का सामना किया है और वह किसी तरह के आरोप से डरने वाले नहीं हैं।

नीरज बोले- ‘पार्टी तय करेगी तो चुनाव लड़ेंगे’

MLC चुनाव में अपनी उम्मीदवारी को लेकर नीरज कुमार ने कहा कि अंतिम फैसला पार्टी करेगी। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी उन्हें उम्मीदवार बनाती है तो वह चुनाव लड़ेंगे।
अनंत सिंह की चुनौती पर उन्होंने सवाल उठाया कि अभी उम्मीदवार तय होने की प्रक्रिया पूरी होने दीजिए, उसके बाद चुनाव का फैसला होगा।
इस तरह एक ही पार्टी के दो नेताओं के बीच MLC चुनाव को लेकर सीधा राजनीतिक टकराव सामने आ गया है।

JDU की बैठक में भी रही गैरमौजूदगी की चर्चा

शुक्रवार को जेडीयू के महत्वपूर्ण प्रबोधन कार्यक्रम में पार्टी के विधायक और विधान परिषद सदस्य शामिल हुए। कार्यक्रम में पार्टी नेतृत्व की ओर से संगठन, समसामयिक मुद्दों और बिहार के विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।
इसी कार्यक्रम के दौरान अनंत सिंह और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह की गैरमौजूदगी भी राजनीतिक चर्चा का विषय बनी। हालांकि अनंत सिंह की बैठक में अनुपस्थिति को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अलग संदर्भ सामने आए हैं। इसलिए इसे सीधे पार्टी के भीतर किसी निर्णय या कार्रवाई का संकेत मानना जल्दबाजी होगी।

मोकामा से शुरू हुई पुरानी राजनीतिक दूरी

अनंत सिंह और नीरज कुमार दोनों का राजनीतिक जुड़ाव मोकामा से रहा है। दोनों के बीच राजनीतिक दूरी का एक बड़ा दौर 2015 के विधानसभा चुनाव के बाद सामने आया था।
2015 में जेडीयू ने मोकामा से नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया था, जबकि अनंत सिंह ने निर्दलीय चुनाव लड़ा। उस चुनाव में अनंत सिंह ने नीरज कुमार को हराया था। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक मतभेद कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से दिखाई दिए।
बाद के वर्षों में भी दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी होती रही। 2025 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी नीरज कुमार की ओर से अनंत सिंह को लेकर की गई टिप्पणियां चर्चा में रही थीं।

अब MLC चुनाव ने फिर बढ़ाई सियासी गर्मी

अब विधान परिषद चुनाव के बीच यह पुराना विवाद फिर सामने आया है। एक तरफ अनंत सिंह नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर चुनावी चुनौती दे रहे हैं, वहीं नीरज कुमार आरोपों को खारिज करते हुए कानूनी रास्ते की बात कर रहे हैं।
खास बात यह है कि दोनों नेता जेडीयू से जुड़े हुए हैं। ऐसे में सवाल सिर्फ दो नेताओं की बयानबाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी है कि MLC चुनाव में पार्टी के भीतर सभी जनप्रतिनिधि उम्मीदवार के समर्थन में किस तरह एकजुट होते हैं।
फिलहाल दोनों नेताओं के बयानों ने बिहार की राजनीति में MLC चुनाव को लेकर चर्चा और तेज कर दी है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि जेडीयू नेतृत्व इस खुले राजनीतिक टकराव पर क्या रुख अपनाता है और चुनावी मैदान में इसका क्या असर दिखाई देता है।

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2015 से चली आ रही अदावत

दोनों नेताओं की खींचतान नई नहीं है। 2015 में जदयू ने मोकामा सीट से अनंत सिंह की जगह नीरज कुमार को टिकट दिया। अनंत सिंह निर्दलीय लड़े और करीब 18 हजार वोटों से जीते। उन्हें 54,005 और नीरज कुमार को 35,657 वोट मिले।
2025 के विधानसभा चुनाव में ललन सिंह की पहल पर अनंत सिंह की जदयू में वापसी हुई और वे मोकामा से उम्मीदवार बने। नीरज कुमार ने तब आपराधिक पृष्ठभूमि का हवाला देकर प्रचार से इनकार किया था और मोकामा पर “टेटन” वाली टिप्पणी की थी। अनंत सिंह के करीबी इसे उन पर सीधा हमला मानते हैं।

निष्कर्ष

AK-47 का आरोप अभी अनंत सिंह का दावा है। नीरज कुमार इसे खारिज कर चुके हैं और अब तक कोई प्रमाण सामने नहीं आया है। सियासी तौर पर मामला यह है कि उम्मीदवारी पर पार्टी का फैसला बाकी है और अनंत सिंह पहले ही विरोध का ऐलान कर चुके हैं। अब देखना होगा कि जदयू नेतृत्व इस विवाद को कैसे संभालता है और क्या नीरज कुमार को टिकट मिलता है।

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