बिहार कैबिनेट: PPP मोड पर खुलेंगे 16 मेडिकल कॉलेज, SC-ST एक्ट के मामलों की सुनवाई के लिए 19 जिलों में बनेंगे स्पेशल कोर्ट

पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर न्यायिक व्यवस्था तक से जुड़े कुल 17 एजेंडों पर मुहर लगी। सबसे बड़ा फैसला राज्य में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने से जुड़ा रहा, जिसके तहत सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मोड पर 16 मेडिकल कॉलेज खोलने का निर्णय लिया गया। इनमें डेंटल कॉलेज भी शामिल होंगे। इन संस्थानों के संचालन की जिम्मेदारी के लिए परामर्शदाता के रूप में PWC (प्राइसवाटरहाउसकूपर्स) की नियुक्ति की जाएगी।

19 जिलों में बनेंगे SC-ST के स्पेशल कोर्ट
राज्य के 19 जिलों में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दर्ज लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए अलग विशेष न्यायालय स्थापित किए जाएंगे। ये अदालतें केवल SC-ST एक्ट से जुड़े मामलों की सुनवाई करेंगी, जिससे पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके और मामलों के निपटारे में तेजी आए। इन विशेष अदालतों के संचालन के लिए सरकार ने 171 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी है।
इसके अलावा नशीले पदार्थों (NDPS एक्ट) से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए पूर्णिया, भागलपुर और गया में तीन विशेष अदालतें बनाई जाएंगी, जिनके संचालन के लिए 27 नए पद सृजित किए जाएंगे।

राजगीर में बनेगा स्पोर्ट्स साइंस सेंटर
राज्य खेल अकादमी के राजगीर परिसर में ‘स्पोर्ट्स साइंस सेंटर’ की स्थापना को भी हरी झंडी मिली है। कैबिनेट ने इस सेंटर के संचालन, रखरखाव, मानव संसाधन और अत्याधुनिक उपकरणों की व्यवस्था के लिए मंजूरी दी है, जिससे बिहार के खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी।
इसके साथ ही पूर्वी चंपारण जिले के पीपरा कोठी स्थित सरकारी भूमि पर केंद्रीय विद्यालय के संचालन के लिए केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय को 30 वर्षों की लीज पर जमीन उपलब्ध कराने का निर्णय भी लिया गया।

नवादा में BISF को मिली 43.98 एकड़ जमीन
नवादा जिले के रजौली में 43.98 एकड़ सरकारी जमीन बिहार औद्योगिक सुरक्षा बल (BISF) की स्थापना के लिए गृह विभाग को निःशुल्क देने की मंजूरी दी गई है। इस भूमि पर BISF से जुड़ी जरूरी सुविधाओं और ढांचे का विकास किया जाएगा।

पुरातत्व निदेशालय में 12 पदों पर बहाली, पांडुलिपियों का होगा डिजिटलीकरण
कला एवं संस्कृति विभाग के अधीन पुरातत्व निदेशालय में तकनीकी कर्मचारियों की कमी दूर करने के लिए 12 पदों पर संविदा आधार पर नियुक्ति को मंजूरी दी गई है। यह नियुक्ति 11 महीने के लिए होगी।
इसके अलावा केंद्र सरकार की ‘ज्ञान भारतम मिशन’ योजना के तहत पुरानी और दुर्लभ पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण को भी मंजूरी मिली है। इस योजना पर छह करोड़ 23 लाख 68 हजार 718 रुपए खर्च किए जाएंगे।

मुंगेर-जमालपुर की जलापूर्ति योजनाओं को स्वीकृति
पेयजल आपूर्ति व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में कैबिनेट ने दो बड़ी योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी है। जमालपुर जलापूर्ति योजना के लिए 102 करोड़ 22 लाख 91 हजार 107 रुपए और मुंगेर जलापूर्ति योजना (फेज-1) के लिए 177 करोड़ 72 लाख 47 हजार 949 रुपए मंजूर किए गए हैं। इन योजनाओं से मुंगेर और जमालपुर क्षेत्र के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।

निष्कर्ष
बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक बिहार के लिए कई मायनों में अहम रही। कुल 17 एजेंडों पर लगी मुहर से साफ है कि सरकार का ध्यान स्वास्थ्य, न्याय, खेल, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं जैसे बहुआयामी क्षेत्रों पर एक साथ केंद्रित है।

PPP मोड पर 16 मेडिकल-डेंटल कॉलेजों की स्थापना से जहां राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी, वहीं 19 जिलों में SC-ST एक्ट के स्पेशल कोर्ट बनने से वर्षों से लंबित मामलों में पीड़ितों को त्वरित न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
राजगीर में स्पोर्ट्स साइंस सेंटर और पुरातत्व निदेशालय में तकनीकी बहाली जैसे फैसले दिखाते हैं कि सरकार खेल और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण को लेकर भी गंभीर है। वहीं मुंगेर और जमालपुर की जलापूर्ति योजनाओं से लाखों लोगों को शुद्ध पेयजल मिलने का रास्ता साफ हुआ है। कुल मिलाकर, यह कैबिनेट बैठक बिहार सरकार की उस मंशा को दर्शाती है जिसमें विकास और न्याय — दोनों को साथ लेकर चलने की कोशिश की जा रही है। अब देखना यह होगा कि इन फैसलों को धरातल पर कितनी तेजी और पारदर्शिता से लागू किया जाता है।

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