बिहार को मिली 11 लाख से ज्यादा नए पक्के मकानों की सौगात, बापू सभागार में सीएम सम्राट चौधरी ने जताया आभार

पटना के बापू सभागार में बुधवार को ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार की ओर से एक राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान देने की बड़ी घोषणा हुई। इस कार्यक्रम में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहे, जबकि मंच पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लाभार्थी, जनप्रतिनिधि और अधिकारी शामिल हुए, वहीं जिला स्तर पर हजारों लाभार्थी और अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस आयोजन से जुड़े।

11 लाख से ज्यादा परिवारों को मिलेगा पक्के घर का लाभ

कार्यक्रम की सबसे बड़ी घोषणा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत बिहार के लिए 11 लाख 18 हजार 937 नए पक्के मकानों की मंजूरी रही। यह मंजूरी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए दी गई है और इससे उन गरीब परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो अभी भी कच्चे या अस्थायी मकानों में रहने को मजबूर हैं।
राज्य सरकार का दावा है कि पीएम आवास योजना के तहत वर्ष 2016-17 से अब तक बिहार में कुल 49 लाख 17 हजार 344 आवेदन मिले थे, जिनमें से 49 लाख नौ हजार 829 आवासों को स्वीकृति दी जा चुकी है और इनमें से 85.77 प्रतिशत यानी 42 लाख 18 हजार 025 आवास पूरे भी हो चुके हैं। चयनित लाभार्थियों को मकान निर्माण के लिए तय वित्तीय सहायता दी जाएगी, और स्वीकृति पत्र मिलने के बाद वे निर्माण कार्य शुरू कर सकेंगे।

2.35 लाख परिवारों का हुआ प्रतीकात्मक गृह प्रवेश

कार्यक्रम के दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 में बनकर तैयार हुए 2 लाख 35 हजार मकानों का गृह प्रवेश भी कराया गया। मंच से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कुछ लाभार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से उनके नए घर की चाबी सौंपी, साथ ही नए चयनित परिवारों के बीच स्वीकृति पत्रों का वितरण भी किया गया।
सरकार की ओर से बताया गया कि योजना का मकसद सिर्फ पक्का मकान देना नहीं है, बल्कि लाभार्थियों को शौचालय, पेयजल, बिजली कनेक्शन और एलपीजी गैस जैसी बुनियादी सुविधाओं से भी जोड़ना है। मंत्री श्रवण कुमार का कहना है कि बिहार देश का इकलौता ऐसा राज्य है, जहां गरीबों को आवास देने के साथ-साथ उसकी मरम्मत और रंगाई-पुताई के लिए भी सरकारी राशि दी जाती है।

शिवराज सिंह चौहान बोले — बाकी राज्य भी करें बिहार मॉडल का अनुसरण

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम में कहा कि सम्राट चौधरी की ओर से शुरू किया गया सहयोग पोर्टल एक अद्भुत पहल है और देश के बाकी राज्यों को भी इसका अनुसरण करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जिस अभियान की शुरुआत की थी, उसे अब सम्राट चौधरी आगे बढ़ा रहे हैं।
चौहान के मुताबिक, केंद्र सरकार ने अब पांच एकड़ सिंचित और 2.5 एकड़ असिंचित भूमि रखने वाले तथा बाइक के मालिक किसानों को भी योजना का लाभ देने का फैसला लिया है। उन्होंने यह दावा भी किया कि बिहार में करीब 50 लाख परिवारों को अब तक पक्का मकान मिल चुका है, जिसमें से 7 लाख से ज्यादा मकान वर्ष 2024-25 में ही दिए गए।

सीएम सम्राट चौधरी का बयान — देश के हर गरीब परिवार तक पहुंचे विकास का लाभ

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कार्यक्रम को बिहार के लिए ऐतिहासिक बताया और कहा कि उपमुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने शिवराज सिंह चौहान से मिलकर बिहार में छूटे हुए करीब 19 लाख पक्के मकानों का मुद्दा उठाया था। उनका दावा है कि 2014 से पहले बिहार में 30 लाख लोगों को भी पक्का मकान नहीं मिल पाया था, जबकि 2014 से 2026 तक करीब 50 लाख गरीब परिवारों को यह लाभ दिया गया है।
सम्राट चौधरी ने यह भी कहा कि जीविका से जुड़ी बहनों में सबसे ज्यादा लखपति दीदियां बिहार से ही हैं। उनके अनुसार, अब तक करीब 30 लाख दीदियां लखपति दीदी बन चुकी हैं, और अगले पांच वर्षों में इसके लिए करीब 51 हजार करोड़ रुपये उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

निष्कर्ष

पटना के बापू सभागार में हुआ यह कार्यक्रम बिहार में ग्रामीण आवास योजना की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। 11 लाख से ज्यादा नए मकानों की मंजूरी और 2.35 लाख परिवारों के गृह प्रवेश के साथ राज्य सरकार ने इसे “ऐतिहासिक” करार दिया है। हालांकि योजना से जुड़े ज्यादातर आंकड़े और दावे मंच से बोले गए बयानों और सरकारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित हैं, इसलिए निर्माण की वास्तविक गति और लाभार्थियों तक सुविधाओं की पहुंच पर आगे भी नजर बनाए रखना जरूरी होगा।

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