बुद्धा कॉलोनी में सामने आया मामला
पटना के बुद्धा कॉलोनी इलाके में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें 16 वर्षीय नाबालिग लड़की ने अपने ही पिता पर यौन शोषण का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि उसका पिता हैदर (45), पिछले करीब छह साल से उसका शारीरिक शोषण कर रहा था। यह मामला तब सामने आया जब बुधवार को पीड़िता अपनी नानी और ननिहाल पक्ष के परिजनों के साथ बुद्धा कॉलोनी थाने पहुंची और पुलिस को पूरी आपबीती सुनाई।
पीड़िता के अनुसार, बचपन में ही उसकी मां की मौत हो गई थी। वह तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी है और आरोप है कि मां की मौत के बाद से ही पिता उसका शोषण करने लगा था। पिछले कुछ दिनों से वह मानसिक रूप से बेहद परेशान थी और अपने ननिहाल जाना चाहती थी, लेकिन पिता उसे घर से बाहर नहीं निकलने दे रहा था। किसी तरह उसने ननिहाल के लोगों तक अपनी बात पहुंचाई, जिसके बाद वे उसे लेकर थाने पहुंचे।
शिकायत दर्ज होते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी के घर पर एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) टीम से भी जांच कराई गई है, ताकि मामले से जुड़े सबूत जुटाए जा सकें।
परिजनों का दबाव, पिता का इनकार
पुलिस के मुताबिक, शुरुआत में परिजनों की ओर से मामले को सुलझाने और आगे न बढ़ाने का प्रयास किया गया, लेकिन पीड़िता अपनी शिकायत पर अडिग रही। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि पिता उसे घर से बाहर नहीं जाने दे रहा था, इसके बावजूद वह किसी तरह ननिहाल पहुंची और वहां से थाने आकर शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता की दृढ़ता के बाद ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई तेज की।
वहीं हिरासत में लिए गए हैदर ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उसका दावा है कि उसकी बेटी कुछ दिनों से किसी लड़के से फोन पर बातचीत कर रही थी, जिस पर उसने बेटी को डांटा और थप्पड़ भी मारे। हैदर के अनुसार, इसी नाराजगी के चलते बेटी उस पर झूठा आरोप लगा रही है। पुलिस को दी जानकारी में हैदर ने यह भी बताया कि वह घूम-घूमकर मैकेनिक का काम करता है और करीब छह साल पहले उसकी पहली पत्नी (पीड़िता की मां) की मौत के बाद उसने दूसरी शादी कर ली थी।
पुलिस ने बताया कि आज पीड़िता ने मेडिकल जांच कराने से इनकार कर दिया, हालांकि उसका बयान अगले दिन कोर्ट में दर्ज कराया जाएगा। घर की जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है।
निष्कर्ष
यह मामला एक बार फिर इस बात की याद दिलाता है कि पारिवारिक दायरे में भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर कितनी सतर्कता ज़रूरी है। पीड़िता का पुलिस तक पहुंचना और अपनी बात पर अडिग रहना साहस की मिसाल है, वहीं पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पीड़ित पक्ष को न्याय की उम्मीद जगी है। फिलहाल मामला जांच के दायर में है और आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। दर्शकों से अनुरोध है कि इस तरह के संवेदनशील मामलों में पीड़िता की पहचान उजागर करने से बचें और बाल सुरक्षा से जुड़े कानूनों (पॉक्सो एक्ट) के प्रति जागरूक रहें। खबर से जुड़े हर अपडेट के लिए IND Bihar के साथ बने रहें।
