नेपाल में फ्लैश फ्लड का खतरा: बिहार हाई अलर्ट पर, CM सम्राट चौधरी ने बुलाई आपात बैठक

नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति बनने और उसके असर से गंडक नदी में अचानक जलप्रवाह बढ़ने की आशंका के बीच बिहार सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को पटना स्थित लोक सेवक आवास के ‘संकल्प’ सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाकर अधिकारियों को संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए हर तैयारी पहले से पूरी रखने का निर्देश दिया।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार नेपाल में चीन सीमा के पास ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) की आशंका के चलते त्रिशूली नदी का जलस्तर अचानक बढ़ा है, जिसका असर गंडक नदी पर भी पड़ने की संभावना जताई जा रही है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक गंडक नदी में करीब तीन मीटर तक ऊंची फ्लैश फ्लड वेव आने की आशंका है, जिसके मद्देनज़र गंडक बैराज के 36 गेट पहले ही खोल दिए गए हैं। नेपाल में आई इस विनाशकारी बाढ़ में अब तक कई लोगों की जान जाने और पुल-सड़कों के क्षतिग्रस्त होने की खबरें भी सामने आई हैं।

किन जिलों पर सबसे ज्यादा नजर, क्या-क्या इंतजाम

मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि गंडक नदी से जुड़े संवेदनशील जिलों — पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली — में प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया गया है। इनके अलावा सीतामढ़ी और बेतिया जैसे इलाकों में भी स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की अपील की गई है।
बैठक में सभी बांधों और तटबंधों की लगातार निगरानी तथा उनकी मजबूती सुनिश्चित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया गया। किसी भी तटबंध का कमजोर हिस्सा मिलते ही तुरंत कार्रवाई करने और रात में विशेष नाइट पेट्रोलिंग कराने के निर्देश दिए गए हैं। संभावित प्रभावित क्षेत्रों में लाउडस्पीकर और माइक के जरिए लोगों को समय-समय पर चेतावनी और जरूरी सूचनाएं दी जाएंगी, ताकि आपात स्थिति में लोग समय रहते सुरक्षित जगह पहुंच सकें।
आपात स्थिति से निपटने के लिए NDRF और SDRF की टीमें पहले ही तैनात कर दी गई हैं। खबरों के अनुसार NDRF की टीमें बेतिया और गोपालगंज भेजी जा रही हैं, वहीं वैशाली में 24 घंटे चलने वाला कंट्रोल रूम भी शुरू कर दिया गया है। जिला प्रशासन को इन टीमों के साथ बेहतर तालमेल बनाकर जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत और बचाव अभियान चलाने को कहा गया है।

केंद्र सरकार से भी मिला हर संभव मदद का भरोसा

बिहार की बदलती स्थिति को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से फोन पर बातचीत कर मौजूदा हालात और प्रशासनिक तैयारियों की जानकारी ली। इस दौरान केंद्र सरकार की तरफ से बिहार को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया गया, जिससे राज्य सरकार को आपदा प्रबंधन में और मजबूती मिली है।
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह और जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह समेत कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि किसी भी प्रतिकूल स्थिति में लोगों की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता होगी और राहत-बचाव कार्य में कहीं भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निष्कर्ष

नेपाल में बन रही फ्लैश फ्लड की स्थिति और गंडक नदी में संभावित जलप्रवाह को देखते हुए बिहार सरकार ने समय रहते सतर्कता बरतते हुए एहतियाती कदम उठाए हैं। तटबंधों की निगरानी, NDRF-SDRF की तैनाती, चेतावनी तंत्र और केंद्र सरकार का सहयोग — इन सभी मोर्चों पर तैयारी को देखकर साफ है कि प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मुस्तैद है। हालांकि गंडक किनारे बसे जिलों के लोगों को अगले कुछ दिन प्रशासन की चेतावनियों और स्थानीय अपडेट पर करीबी नजर बनाए रखनी चाहिए, क्योंकि नेपाल की स्थिति अभी पूरी तरह स्थिर नहीं मानी जा रही।

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