पटना। राजधानी पटना के बिहटा थाना क्षेत्र के परेव इलाके में रविवार तड़के सोन नदी के बीचोंबीच पुलिस और अपराधियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई। दोनों तरफ से करीब 62 राउंड गोलियां चलीं, जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जबकि सब इंस्पेक्टर राजू कुमार सिंह और बिहटा थाना प्रभारी अमित कुमार भी घायल हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही पटना पश्चिमी सिटी एसपी संकेत कुमार मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
पुलिस को इनपुट मिला था कि सोन नदी में कुछ बदमाश नाविकों से रंगदारी वसूल रहे हैं। इनपुट कन्फर्म होते ही पुलिस टीम अपराधियों के करीब पहुंची, लेकिन पुलिस को देखते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की और देखते ही देखते नदी के दोनों तरफ से गोलीबारी शुरू हो गई।
किसे लगी गोली, किसे मिला अंजाम
मुठभेड़ के दौरान अपराधी अवनीश कुमार को गोली लगी, जो टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल है और एक AK-47 से जुड़े मामले में फरार चल रहा था। घायल बदमाश को इलाज के लिए PMCH रेफर किया गया, जबकि SI राजू कुमार सिंह का सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है।
पुलिस ने घटनास्थल से दो पिस्टल, एक राइफल, एक कार्बाइन और एक देसी कट्टा बरामद किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो अपराधियों को गिरफ्तार किया, जबकि दो बदमाश मौके से फरार होने में कामयाब रहे, जिनकी तलाश जारी है।
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SSP कार्तिकेय शर्मा ने क्या बताया
पटना SSP कार्तिकेय शर्मा के मुताबिक, नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद कुछ लोगों द्वारा रंगदारी और पैसा वसूलने की सूचना मिली थी, जिसके बाद थानाध्यक्ष अमित कुमार के नेतृत्व में टीम गठित कर कार्रवाई की गई। पुल के पास संदिग्ध स्थिति में नाव पर कुछ लोग मिले, जिन्हें रोकने की कोशिश करते ही अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी।
SSP ने बताया कि अपराधियों ने करीब 40 राउंड और पुलिस ने 22 राउंड फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में अनीश कुमार के पैर में गोली लगी, जबकि कुछ अपराधी नदी में कूदकर फरार हो गए। नाव के पास से एक अन्य अपराधी पीयूष कुमार को गिरफ्तार किया गया, जिसका आपराधिक इतिहास रहा है। घायल अपराधी के खिलाफ छह अलग-अलग मामले दर्ज हैं और पिछले साल भी उसके पास से एक AK-47 बरामद हुई थी।

सम्राट सरकार में लगातार जारी हैं एनकाउंटर
यह कोई अकेली घटना नहीं है — बिहार में सम्राट चौधरी की अगुवाई वाली सरकार के दौरान अब तक 25 एनकाउंटर हो चुके हैं। इससे पहले 16 जुलाई को बंटी अपहरण-मर्डर केस में अपराधी रवीश के पैर में गोली मारी गई थी, वहीं 13 जुलाई को वैशाली में डबल मर्डर केस के फरार आरोपी जगदीश राय को भी पुलिस ने घायल किया था। 12 जून को पटना में थानेदार और ASI पर गोली चलाने वाला अपराधी मो. हैदर एनकाउंटर में मारा गया था।
निष्कर्ष
सोन नदी क्षेत्र में रंगदारी गैंग के खिलाफ पुलिस की यह कार्रवाई बिहार पुलिस की सख्त नीति का हिस्सा है, जिसके तहत पिछले कुछ महीनों में दर्जनों अपराधियों को मुठभेड़ में घायल या गिरफ्तार किया गया है। हालांकि इस दौरान थानाध्यक्ष समेत कई पुलिसकर्मियों के घायल होने से यह भी साफ है कि नदी किनारे सक्रिय गिरोह पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। फरार अपराधियों की गिरफ्तारी और रंगदारी नेटवर्क के पूरे जाल का खुलासा होना अभी बाकी है।
