राजधानी दिल्ली एक बार फिर महिला सुरक्षा को लेकर सवालों के घेरे में है। ग्रेटर नोएडा से दिल्ली के कश्मीरी गेट के बीच चलने वाली एक स्लीपर बस में 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म की वारदात सामने आई है। इस घटना ने 2012 के निर्भया कांड की कड़वी यादें एक बार फिर ताजा कर दी हैं और दिल्ली-एनसीआर में सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस के अनुसार यह वारदात 4 अगस्त 2026 को हुई। आरोप है कि बस के चालक और कंडक्टर ने मिलकर छात्रा के साथ दुष्कर्म को अंजाम दिया। मामला दिल्ली के कश्मीरी गेट थाना क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है।
कैसे हुई पूरी वारदात?
पुलिस जांच में सामने आया है कि पीड़िता उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की रहने वाली है और 11वीं कक्षा की छात्रा है। पढ़ाई को लेकर मां की डांट से नाराज होकर वह 3 अगस्त 2026 को बिना बताए अपने घर से निकल गई थी। उसका इरादा नोएडा सेक्टर-63 में रहने वाले अपने चचेरे भाई के घर पहुंचने का था।
इसी दौरान वह ग्रेटर नोएडा से दिल्ली के लिए चलने वाली एक स्लीपर बस में सवार हो गई। पुलिस के मुताबिक जिस वक्त छात्रा बस में चढ़ी, उसमें कोई अन्य सवारी मौजूद नहीं थी। आरोप है कि बस के चलने के कुछ ही देर बाद कंडक्टर ने छात्रा के साथ अभद्रता शुरू कर दी, और इसके बाद चालक व कंडक्टर दोनों ने मिलकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
पुलिस की कार्रवाई: दोनों आरोपी गिरफ्तार, बस जब्त
घटना की जानकारी मिलते ही कश्मीरी गेट थाना पुलिस हरकत में आई और तत्काल प्रभाव से जांच शुरू कर दी। पुलिस ने दोनों आरोपियों – बस के चालक और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में इस्तेमाल की गई स्लीपर बस को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। फिलहाल पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस रूट पर चलने वाली अन्य बसों में भी यात्री सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरती जा रही है।

महिला सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर इस बात को रेखांकित करती है कि दिल्ली-एनसीआर में निजी बसों और सार्वजनिक परिवहन में यात्री, खासकर महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर ठोस निगरानी तंत्र की कमी है। निर्भया कांड के बाद बनाए गए कड़े कानूनों और सुरक्षा दिशा-निर्देशों के बावजूद इस तरह की घटनाएं यह सवाल खड़ा करती हैं कि जमीनी स्तर पर इनका पालन कितनी गंभीरता से हो रहा है।
निष्कर्ष
ग्रेटर नोएडा से कश्मीरी गेट के बीच चलने वाली स्लीपर बस में नाबालिग छात्रा के साथ हुई यह वारदात न सिर्फ एक अपराध है, बल्कि दिल्ली-एनसीआर के परिवहन तंत्र में सुरक्षा की गंभीर खामियों की ओर भी इशारा करती है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन यह घटना प्रशासन के लिए एक चेतावनी है कि निजी बस ऑपरेटरों की जांच-पड़ताल, ड्राइवर-कंडक्टर के सत्यापन और रात्रिकालीन यात्रा की निगरानी को और सख्त बनाने की जरूरत है। पीड़िता को न्याय मिले और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रुके, इसके लिए ठोस नीतिगत कदम उठाना अब समय की मांग है।
Also Read: दानापुर में एक लड़की के लिए भिड़े दो प्रेमी, हवाई फायरिंग से इलाके में दहशत,
