पटना। बिहार सरकार ने गन्ना आधारित उद्योगों को नई रफ्तार देने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 24 जून 2026 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में बिहार गन्ना उद्योग प्रोत्साहन नीति-2026 को मंजूरी दी गई। इसे देश में अपनी तरह की पहली व्यापक नीति बताया जा रहा है।
क्या है यह नीति और क्यों है खास?
यह नीति बिहार को देश का पहला ऐसा राज्य बनाती है जिसने गन्ना क्षेत्र के लिए मॉडर्न शुगर काम्प्लेक्स — यानी चीनी मिल, डिस्टीलरी, सह-विद्युत उत्पादन और कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) इकाइयों की स्थापना एवं विस्तार के लिए एकीकृत प्रोत्साहन नीति लागू की है। सरकार का लक्ष्य है कि बिहार एक बार फिर देश के अग्रणी चीनी उत्पादक राज्यों में अपनी जगह बनाए।
नई चीनी मिलों पर कितना मिलेगा अनुदान?
नीति के तहत निवेशकों को आकर्षक अनुदान का प्रावधान किया गया है।
5000 टीसीडी क्षमता की नई चीनी मिल स्थापित करने पर पाँच वर्षों में 100 करोड़ रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। 3500 टीसीडी क्षमता की नई मिल पर पाँच वर्षों में 70 करोड़ रुपये तक की सहायता मिलेगी। पहले से चल रही चीनी मिलों में न्यूनतम 1000 टीसीडी की क्षमता बढ़ाने पर 15 करोड़ रुपये दिए जाएंगे और इससे अधिक विस्तार पर अतिरिक्त प्रोत्साहन भी मिलेगा।
भूमि और टैक्स में भी मिलेगी बड़ी राहत
नई चीनी मिलों की स्थापना के लिए सरकार गन्ना उद्योग विभाग या बिहार राज्य चीनी निगम की जमीन पर मात्र 1 रुपये की टोकन राशि पर 30 साल की लीज पर 40 एकड़ तक भूमि उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा भूमि खरीद पर लगने वाले रजिस्ट्रेशन शुल्क और स्टाम्प ड्यूटी की शत-प्रतिशत प्रतिपूर्ति की जाएगी। उत्पादित चीनी पर पाँच वर्षों तक SGST की पूर्ण वापसी का भी प्रावधान है।
आधुनिकीकरण और इथेनॉल पर भी जोर
कार्यरत चीनी मिलों के आधुनिकीकरण, अपग्रेडेशन और रिफाइनरी में रूपांतरण के लिए पूंजी निवेश का 20 प्रतिशत या अधिकतम 5 करोड़ रुपये तक अनुदान मिलेगा। डिस्टीलरी और इथेनॉल इकाइयों की स्थापना और क्षमता विस्तार पर प्लांट व मशीनरी में निवेश का 15 प्रतिशत या अधिकतम 5 करोड़ रुपये की सहायता, ब्याज अनुदान और उत्पादित इथेनॉल पर SGST की पूरी प्रतिपूर्ति की जाएगी।
हरित ऊर्जा को भी मिलेगा बढ़ावा
सह-विद्युत उत्पादन परियोजनाओं और कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) संयंत्रों को भी नीति के तहत विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। इससे राज्य में हरित ऊर्जा उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा और कृषि अवशेषों के बेहतर उपयोग का रास्ता खुलेगा।
25 नई चीनी मिलों का लक्ष्य
राज्य सरकार ने सात निश्चय-3 के तहत बंद पड़ी चीनी मिलों के पुनरुद्धार के साथ-साथ 25 नई चीनी मिलें स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से बिहार में बड़े पैमाने पर निवेश आएगा, रोजगार के नए अवसर बनेंगे और किसानों को बेहतर बाजार मिलेगा।
स्रोत: बिहार सरकार, गन्ना उद्योग विभाग की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति। अतिरिक्त जानकारी IND Bihar की स्वतंत्र रिपोर्टिंग पर आधारित।
