RJD के बक्सर सांसद सुधाकर सिंह बोले- रिशु श्री मामले की अदालत की निगरानी में हो जांच


पटना: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के बक्सर से लोकसभा सांसद सुधाकर सिंह ने सोमवार को पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कथित रिशु श्री टेंडर मामले को लेकर बिहार सरकार और कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आनंद किशोर सहित नौ अधिकारियों की भूमिका की अदालत की निगरानी (Court Monitored Investigation) में जांच कराने की मांग की।

सुधाकर सिंह ने कहा कि 23 जून को आयोजित अपनी पिछली प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी उन्होंने इस मामले से जुड़े कई सवाल उठाए थे। उनके अनुसार, प्रेस कांफ्रेंस के बाद जांच एजेंसियां सक्रिय हुईं और चार्जशीट भी दाखिल हुई, लेकिन अभी भी कई ऐसे अधिकारियों से पूछताछ नहीं हुई जिनके नाम जांच दस्तावेजों में सामने आने का दावा किया गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि यदि जांच एजेंसियों के दस्तावेजों में वरिष्ठ अधिकारियों के नाम सामने आए हैं, तो केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

क्या हैं मुख्य मांगें?
• अदालत की निगरानी में पूरे मामले की जांच।
• आनंद किशोर समेत नौ अधिकारियों की भूमिका की जांच।
• वर्ष 2017 से अब तक BSEB के वित्तीय कार्यों का स्वतंत्र ऑडिट।
• टेंडर, परीक्षा संचालन और भुगतान प्रक्रिया की जांच।
• जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग


आनंद किशोर पर लगाए गंभीर आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सुधाकर सिंह ने आईएएस अधिकारी आनंद किशोर पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) में उनके कार्यकाल के दौरान कई बड़े निर्णयों और परीक्षा संचालन में अनियमितताएं हुईं।
सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग से जुड़े विभिन्न मामलों, टॉपर घोटाले, परीक्षा संचालन और टेंडर प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए। हालांकि इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने कहा कि उनके पास दस्तावेज और साक्ष्य मौजूद हैं और आवश्यकता पड़ने पर वे उन्हें न्यायालय अथवा जांच एजेंसियों के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।


ED चार्जशीट और जांच पर उठाए सवाल
सुधाकर सिंह ने दावा किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) की चार्जशीट में भी कुछ अधिकारियों के नाम और संदर्भ सामने आए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जांच एजेंसियों के पास ऐसे दस्तावेज हैं, तो संबंधित अधिकारियों से व्यापक पूछताछ क्यों नहीं की गई।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन अधिकारियों पर आरोप लगाए जा रहे हैं, उन्हें विदेश यात्रा की अनुमति दिए जाने और महत्वपूर्ण पदों पर बनाए रखने को लेकर भी सरकार को जवाब देना चाहिए।


BSEB के कामकाज की ऑडिट कराने की मांग
सुधाकर सिंह ने मांग की कि वर्ष 2017 से अब तक बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के वित्तीय लेन-देन, टेंडर प्रक्रिया, परीक्षा संचालन, संविदा नियुक्तियों और ऑडिट रिपोर्ट की स्वतंत्र जांच कराई जाए।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ गंभीर है, तो सभी संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक किए जाने चाहिए।


कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग
सांसद ने कहा कि जिस प्रकार चारा घोटाला मामले की जांच न्यायिक निगरानी में हुई थी, उसी तरह इस पूरे मामले की भी अदालत की निगरानी में जांच कराई जानी चाहिए ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो इस मांग को लेकर न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा।


अभी तक संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया नहीं
प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए आरोपों पर इस खबर के प्रकाशित होने तक बिहार सरकार, आईएएस अधिकारी आनंद किशोर अथवा अन्य संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रतिक्रिया मिलने पर खबर को अपडेट किया जाएगा।

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