मोकामा विधायक अनंत सिंह अपनी ही पार्टी JDU के उम्मीदवार के खिलाफ खड़े हो गए हैं। बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक सीट से JDU ने नीरज कुमार को उतारा है, लेकिन अनंत सिंह ने जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन करने की घोषणा कर दी है।
पटना आवास पर अनुज सिंह के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में अनंत सिंह ने कहा, आज तक हम हारे नहीं हैं। अनुज सिंह चुनाव जीत जाएंगे। अनुज सिंह के नॉमिनेशन में पूरा पटना भर जाएगा। गर्दा तैयारी किए हैं।
ये पार्टी का नहीं, मेरा और नीरज का व्यक्तिगत मामला
अनंत सिंह ने बताया कि अनुज सिंह का नामांकन 1 अक्टूबर को है और वे पूरे इलाके में उनके लिए प्रचार करेंगे। उनके मुताबिक पार्टी ने उनसे कुछ नहीं कहा है और यह मामला उनके और नीरज कुमार के बीच का निजी विवाद है, क्योंकि नीरज ने उनका विरोध किया था।
पार्टी लाइन के खिलाफ जाने पर कार्रवाई के सवाल पर उन्होंने पलटकर पूछा कि जब नीरज कुमार ने ललन सिंह का विरोध किया था, तब पार्टी ने उन पर क्या कार्रवाई की थी।
नीरज पर गंभीर आरोप
अनंत सिंह ने आरोप लगाया कि नीरज कुमार ने उनके घर AK-47 रखवाई, उन्हें जेल भिजवाया और हर चुनाव में हरवाने की कोशिश की। उनके अनुसार इसमें आरसीपी सिंह ने मदद की थी, जो नीरज के “गुरु” थे और अब उन्हें भी गाली देते हैं। उन्होंने नीरज की जमानत जब्त कराने की बात कही।
अनंत सिंह ने नीरज को 20 करोड़ रुपए की शर्त और हनुमान मंदिर के पास कुर्सी लगाकर आमने-सामने बहस की चुनौती भी दी। नीरज के बयान पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने एक बात सही कही है कि उन्हें “लिखना-पढ़ना नहीं आता।” उन्होंने यह भी दावा किया कि नीरज को आज तक किसी पार्टी का टिकट नहीं मिला और नीतीश कुमार से उनकी नजदीकी ज्यादा है, क्योंकि उन्होंने नीतीश को चांदी से तौला था।
कौन हैं अनुज कुमार सिंह?
अनुज सिंह शिक्षा क्षेत्र से जुड़े हैं और ‘मॉडर्न ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स/मॉडर्न इंग्लिश स्कूल’ के निदेशक हैं। उन्होंने संसाधन भूगोल (Resource Geography) में पीएचडी की है। वे पहले कांग्रेस के नवादा जिला उपाध्यक्ष रहे और फिर जन सुराज से जुड़े। 2025 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने नवादा सीट से जन सुराज के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन जीत नहीं मिली। अब पार्टी ने उन्हें पटना स्नातक क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया है।

नीरज कुमार का पलटवार
आरोपों पर JDU MLC नीरज कुमार ने कहा कि अनंत सिंह “मेंटली डिस्टर्ब” हो गए हैं। उन्होंने पूछा, “कब जन्म हुआ है समता पार्टी में अनंत सिंह का?” उनका दावा है कि पार्टी ने अनंत सिंह पर दया करके उन्हें उम्मीदवार बनाया था। नीरज ने कहा कि नीतीश कुमार ने अनंत सिंह को राजनीति में जन्म दिया और अब वे उन्हीं का नमक खाकर उनके खिलाफ बोल रहे हैं। उनके मुताबिक अनंत सिंह की मंशा निशांत कुमार का विरोध करने की है।
AK-47 के आरोप पर नीरज ने तंज कसा, “ये बेऊर के संत हैं। कभी आरसीपी सिंह ने फंसाया, कभी ललन सिंह ने, कभी लेसी सिंह ने।” उन्होंने कहा कि कोर्ट में साक्ष्य देने को कहा तो अनंत सिंह “फेल हो गए।”
7 सितंबर की शाम पटना के JDU कार्यालय में इस विवाद पर बैठक हुई थी, जिसमें पार्टी की अंदरूनी लड़ाई खत्म करने की कोशिश की गई थी।
2015 से शुरू हुई अदावत
- 24 जून 2015: पुटुस हत्याकांड में पटना के तत्कालीन SSP विकास वैभव ने JDU विधायक अनंत सिंह को गिरफ्तार किया। नीतीश के सत्ता में आने के बाद वे पहली बार जेल गए।
- नवंबर 2015: JDU ने मोकामा से अनंत सिंह का टिकट काटकर नीरज कुमार को उतारा। अनंत सिंह जेल से निर्दलीय लड़े और नीरज को 18,348 वोटों से हराया।
- 28 अक्टूबर 2015: प्रचार के दौरान नीरज ने अनंत सिंह को “राजनीति का नासूर” और “आपराधिक गिरोह का सरगना” कहा था।
- नवंबर 2017: करीब 2 साल बाद जेल से बाहर आए अनंत सिंह RJD के करीब हुए।
- 2019: पत्नी नीलम देवी को मुंगेर से कांग्रेस टिकट पर ललन सिंह के खिलाफ लड़ाया, लेकिन वे हार गईं।
अब आगे क्या?
1 अक्टूबर को अनुज सिंह के नामांकन में अनंत सिंह की ताकत का पहला इम्तिहान होगा। सवाल यह भी है कि पार्टी लाइन तोड़ने वाले अपने विधायक पर JDU कोई कार्रवाई करेगी या नहीं।
