चिराग पासवान vs स्वतंत्र भारद्वाज: जानिए पूरा मामला और मंत्री का पक्ष

केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी-रामविलास (LJP-RV) प्रमुख चिराग पासवान ने शुक्रवार को पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान स्वतंत्र भारद्वाज के वायरल वीडियो विवाद पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि दक्षिणपंथी इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज ने एक कथित वायरल वीडियो में उनके नाम का

क्या है पूरा मामला

यह विवाद जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए एक छात्र प्रदर्शन से जुड़ा है, जहां आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज पर प्रदर्शनकारी छात्रा निशु आजाद के पिता संजय के साथ मारपीट करने का आरोप है। एक पॉडकास्ट के दौरान भारद्वाज ने कथित तौर पर खुद स्वीकार किया कि उसने संजय पर हमला किया, साथ ही यह भी दावा किया कि राजनीतिक संपर्कों की वजह से वह कार्रवाई से बचता रहा। इसी बयान में उसने चिराग पासवान समेत कई नेताओं से नज़दीकी होने का दावा किया, जिसके बाद मामला नए सिरे से चर्चा में आ गया।
वीडियो वायरल होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं ने नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर प्रदर्शन किया और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तारी का भरोसा दिया, जिसके कुछ ही घंटों बाद दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में ले लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट, एससी/एसटी एक्ट और आपराधिक धमकी से जुड़ी धाराएं जोड़ी गई हैं।

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चिराग पासवान ने क्या कहा

पटना में पत्रकारों से बात करते हुए चिराग पासवान ने इस पूरे प्रकरण को “बेहद गंभीर” करार दिया। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति खुलेआम यह स्वीकार कर रहा है कि उसने किसी को इतनी बुरी तरह मारा कि उसकी मौत भी हो सकती थी, और अगर पॉडकास्ट में यह बात कबूल करने के बाद भी कार्रवाई नहीं होती, तो यह देश और लोगों के सामने बेहद गलत उदाहरण पेश करेगा।
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि चूंकि आरोपी ने उनके साथ-साथ कई अन्य राजनेताओं के नाम का भी गलत इस्तेमाल किया है, इसलिए उन्होंने उसके खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है और दिल्ली पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीतिक जीवन में लोगों से मिलना-जुलना आम बात है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर मिलने वाला व्यक्ति किसी नेता को व्यक्तिगत रूप से जानता है। चिराग ने दो टूक कहा कि आरोपी उन्हें व्यक्तिगत रूप से नहीं जानता, और उनके नाम का दुरुपयोग किया जाना गलत है।

पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहने का भरोसा

चिराग पासवान ने कहा कि वह और उनकी पार्टी नाबालिग निशु आजाद तथा उसके परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने कहा कि उन पर यह आरोप लगाया गया कि शायद उनके और अन्य नेताओं के समर्थन के कारण आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन अब वे यह सुनिश्चित करेंगे कि सच्चाई सामने आए और कानून का मजाक उड़ाने वाले आरोपी को कड़ी सजा मिले।
उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में निशु के पिता संजय जिस स्थिति से गुजर रहे हैं, उसमें उन्हें और उनके परिवार को न्याय दिलाना उनकी और उनकी पार्टी की जिम्मेदारी है। चिराग ने भरोसा दिलाया कि मामले की सच्चाई सामने लाने और आरोपी के खिलाफ जल्द से जल्द उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए वे हरसंभव प्रयास करेंगे।

निष्कर्ष

स्वतंत्र भारद्वाज के वायरल वीडियो ने न सिर्फ एक नाबालिग छात्रा और उसके परिवार के लिए न्याय की मांग को तेज किया, बल्कि कई राजनेताओं के नाम के दुरुपयोग का मुद्दा भी सामने ला दिया। चिराग पासवान का सार्वजनिक रूप से शिकायत दर्ज कराना और पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने का ऐलान इस बात का संकेत है कि मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है। दिल्ली पुलिस द्वारा आरोपी पर पॉक्सो और एससी/एसटी एक्ट जैसी गंभीर धाराएं लगाए जाने के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी है।

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