पटना में शिक्षक दिवस के मौके पर एक प्रेरक पहल देखने को मिली, जब बी फॉर नेशन फाउंडेशन द्वारा संचालित स्कूल में गरीब और जरूरतमंद बच्चों के बीच पढ़ाई की सामग्री वितरित की गई। यह फाउंडेशन लंबे समय से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने का काम कर रहा है।
इस अवसर पर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के महासचिव शशि भूषण प्रसाद विशेष रूप से स्कूल पहुंचे। उन्होंने बच्चों के बीच पुस्तिकाएं, कॉपियां और पेन बांटे। स्कूल पहुंचने पर बच्चों ने उनका उत्साह से स्वागत किया, और पढ़ाई की सामग्री मिलने पर बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ झलकी।
किताब-कलम देना भविष्य मजबूत करने की दिशा में कदम” — शशि भूषण प्रसाद
कार्यक्रम के दौरान शशि भूषण प्रसाद ने कहा कि शिक्षक दिवस पर बच्चों के लिए यह उनकी ओर से एक छोटी-सी भेंट है। उन्होंने बताया कि उनका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी की वजह से किसी भी बच्चे को स्कूल आने या पढ़ाई के लिए जरूरी किताब-कॉपी और लेखन सामग्री की कमी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने आगे कहा कि बच्चों के हाथ में किताब और कलम पहुंचाना, उनके भविष्य को मजबूत करने की दिशा में एक छोटा मगर महत्वपूर्ण कदम है। इसके साथ ही उन्होंने बी फॉर नेशन फाउंडेशन के डायरेक्टर का भी आभार जताया, जो गरीब बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देकर उनका भविष्य संवारने के काम में जुटे हैं।

शिक्षा को बताया अंधकार से उजाले की राह
आयोजन में मौजूद लोगों ने कहा कि शिक्षा वह रोशनी है, जो अंधेरे से निकलकर उजाले की ओर जाने का रास्ता दिखाती है। जब किसी गरीब बच्चे के हाथ में किताब और कलम पहुंचती है, तो केवल उसकी पढ़ाई ही शुरू नहीं होती, बल्कि उसके बेहतर भविष्य की उम्मीद भी जन्म लेती है।
इस तरह की पहलें समाज को यह संदेश देती हैं कि शिक्षा में सहयोग केवल एक बच्चे तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका असर पूरे परिवार के भविष्य पर पड़ता है।
निष्कर्ष
शिक्षक दिवस के मौके पर पटना में हुआ यह आयोजन दिखाता है कि छोटी-सी पहल भी किसी बच्चे की जिंदगी की दिशा बदल सकती है। बी फॉर नेशन फाउंडेशन और शशि भूषण प्रसाद जैसे लोगों की कोशिशें समाज के उन तबकों तक शिक्षा पहुंचाने का काम कर रही हैं, जो आर्थिक तंगी के कारण अक्सर इससे वंचित रह जाते हैं। ऐसे प्रयास शिक्षा को हर बच्चे तक पहुंचाने की मुहिम को और मजबूत करते हैं।
