बिहार में भारी बारिश का अलर्ट, 17 जिलों में प्रशासन सतर्क; NDRF-SDRF को तैयार रहने के निर्देश

पटना: नेपाल के तराई क्षेत्र और गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्र में हो रही भारी बारिश को देखते हुए बिहार में प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। संभावित बाढ़ और जलस्तर बढ़ने की स्थिति से निपटने के लिए सीमावर्ती जिलों के साथ-साथ गंडक, बागमती और कोसी नदी तंत्र से जुड़े इलाकों में विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

स्थिति की समीक्षा के लिए आपदा प्रबंधन विभाग में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक हुई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कई संवेदनशील जिलों के जिलाधिकारी बैठक में शामिल हुए। अधिकारियों को अपने-अपने जिलों में संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी रखने को कहा गया।

17 जिलों में विशेष सतर्कता

बारिश और नदियों की स्थिति को देखते हुए सीतामढ़ी, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, वैशाली, गोपालगंज, सारण, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, कटिहार, खगड़िया और बेगूसराय में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन को नदी के जलस्तर और प्रवाह के साथ-साथ निचले इलाकों, तटबंधों, नदी किनारे बसे गांवों, पुल-पुलियों और संपर्क मार्गों पर लगातार नजर रखने को कहा गया है।
हालांकि कोसी नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है, इसके बावजूद कोसी से जुड़े जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

NDRF-SDRF को अलर्ट रहने के निर्देश

संभावित आपदा की स्थिति में तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू करने के लिए NDRF और SDRF को तैयार रहने को कहा गया है। जिलों में नाव, लाइफ जैकेट, रेस्क्यू उपकरण और अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रभावित होने की आशंका वाले इलाकों में माइकिंग के जरिए लोगों को पहले से सूचना देने और जरूरत पड़ने पर आबादी को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की तैयारी रखने को कहा गया है।

IND BIHAR

प्रशासन को अफवाहों से बचने की अपील

सरकार ने जिला प्रशासन, पुलिस, जल संसाधन विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग समेत सभी संबंधित एजेंसियों के बीच लगातार समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उपलब्ध संसाधनों को स्टैंडबाय और एक्टिव मोड में रखने को कहा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया जा सके।

मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों से नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए जनप्रतिनिधियों और आम लोगों को स्थिति की जानकारी देने को कहा है। प्रशासन की ओर से लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और अनावश्यक घबराहट से बचने की अपील की गई है।
किसी भी आपातकालीन सहायता के लिए आपदा प्रबंधन विभाग के टोल फ्री नंबर 1070 पर संपर्क किया जा सकता है।

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