राष्ट्रीय जनता दल ने सोमवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बिहार की नीतीश-भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोला। राजद प्रदेश अध्यक्ष अब्दुल बारी सिद्दीकी और पार्टी नेता शिवचंद्र राम ने एक के बाद एक कई बड़े सवाल उठाए और सरकार पर विपक्ष को टारगेट करने का आरोप लगाया।
लोकतंत्र की दुहाई, सरकार पर निशाना
अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था है। जिसके पास बहुमत है वह सरकार चलाता है और विपक्ष का काम जनता के मुद्दे उठाना है। लेकिन मौजूदा सरकार चाहती है कि विपक्ष उसकी हां में हां मिलाए, अगर नहीं तो टारगेट किया जाए। उन्होंने कहा कि जब भी इस तरह की राजनीति हुई है जनता ने उसे स्वीकार नहीं किया। सरकार की कमियों को उजागर करना विपक्ष का संवैधानिक दायित्व है और इसे दबाने की कोशिश लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।
सीएम के बंगले पर बड़ा सवाल
सिद्दीकी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर तीखा हमला करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री आवास का विस्तार 15 एकड़ से ज्यादा जमीन पर हो चुका है। प्रधानमंतत्री नरेंद्र मोदी ने बड़े विजन की बात की लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री का बंगला पीएम के बंगले से भी बड़ा हो गया। उन्होंने पांच देशरत्न मार्ग को एक अन्य मार्ग में मिलाए जाने पर भी सवाल उठाया और कहा कि बिहार में दो उपमुख्यमंत्रियों के लिए आवास आवंटन था, ऐसे में पांच नंबर को किस उद्देश्य से मिलाया गया यह सम्राट चौधरी बताएं।
नितिन नवीन से लेकर मंगल पांडे तक — नाम लेकर घेरा
राजद ने उन नेताओं की पूरी सूची सामने रखी जो मंत्री नहीं रहने के बावजूद सरकारी बंगलों में डटे हुए हैं। सिद्दीकी ने सवाल उठाया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन किस हैसियत से मंत्री आवास में रह रहे हैं। पूर्व मंत्री मंगल पांडे, तरैया विधायक जनक सिंह, पूर्व मंत्री राजू सिंह, मनोरमा देवी, कृष्णा कुमार मंटू, देवेश चंद्र ठाकुर और संजय झा जैसे कई नेताओं के नाम लेकर पूछा कि इन्हें नोटिस दिया गया तो वह सार्वजनिक क्यों नहीं हुआ। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो विधायक सेंट्रल पूल के मकान में रह रहे हैं उन्हें विधायक आवास नहीं मिला जबकि पहले से एक आवास आवंटित होने के बावजूद नंदकिशोर राम को दूसरा आवास दे दिया गया।
लालू को पूर्व सीएम का आवास क्यों नहीं
हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए सिद्दीकी ने कहा कि अगर नियम सबके लिए समान है तो पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जीतन राम मांझी को आवास आवंटित क्यों है। उन्होंने सीधा सवाल किया कि पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को पूर्व मुख्यमंत्री की हैसियत से कोई आवास आवंटित क्यों नहीं किया गया। नियमों का सम्मान सबके लिए होना चाहिए, सिर्फ विपक्ष के लिए नियम और सत्ता पक्ष के लिए अलग नियम यह लोकतंत्र में नहीं चलेगा।
दलित कार्ड पर शिवचंद्र राम का पलटवार
राजद नेता शिवचंद्र राम ने कहा कि बंगले को लेकर जो नाटक हो रहा है वह असली मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि दलित मंत्री को मोहरा बनाया जा रहा है और बिहार के दलितों को भ्रमित करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने याद दिलाया कि 2015 में वे खुद इसी बंगले से मंत्री रहे हैं और सरकार जाने के बाद उनके साथ क्या हुआ यह सबको पता है। शिवचंद्र राम ने कहा कि एक महिला नेता प्रतिपक्ष को अपमानित किया जा रहा है और दलित कार्ड खेलना बंद किया जाए। उनकी पार्टी आरक्षण बढ़ाने की बात करती है न कि दलितों को राजनीतिक मोहरा बनाने की।
सड़क और कोर्ट दोनों का ऐलान
राजद ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जरूरत पड़ी तो सड़क पर भी उतरा जाएगा और कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा। सिद्दीकी ने कहा कि जो लोकतंत्र में भरोसा रखते हैं वे विरोध करेंगे और नीतियों के आधार पर लड़ाई होनी चाहिए न कि विपक्ष को अपमानित करके। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में लोकलाज का जो महत्व होता है उसे इस सरकार ने पूरी तरह ताक पर रख दिया है। अंत में उन्होंने दो टूक कहा कि टारगेट की राजनीति करने वालों को जनता हमेशा नकारती है और आने वाले दिनों में यह सरकार भी इसका जवाब देगी।
