बिहार में बिना ISTP पास नहीं चलेगा खनिज लदा वाहन, 10 जून से नई व्यवस्था लागू

ISTP Portal Launch: बिहार में अब बिना ISTP पास के दूसरे राज्यों से आने वाले बालू, पत्थर और अन्य लघु खनिजों से लदे वाहन राज्य में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। 10 जून से लागू होने वाली इस नई डिजिटल व्यवस्था से सरकार को करीब 200 करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व मिलने का अनुमान है।

पटना, 9 जून 2026। बिहार सरकार के खान एवं भूतत्व विभाग ने राज्य में खनिज परिवहन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए इंटर स्टेट ट्रांजिट पास (ISTP) पोर्टल का औपचारिक शुभारंभ कर दिया है। विभागीय मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार चंद्रवंशी की अध्यक्षता में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभाग के सचिव ने पोर्टल की विस्तृत जानकारी दी और इसके उद्देश्यों तथा लाभों पर सारी बात कही।
विभाग का दावा है कि इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद राज्य सरकार को केवल ISTP पोर्टल प्रणाली के माध्यम से ही लगभग 200 करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होने की संभावना है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष में खान एवं भूतत्व विभाग का कुल राजस्व संग्रह लगभग 5000 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि केवल ISTP व्यवस्था से करीब 200 करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हो सकता है।

10 जून से अनिवार्य होगी नई व्यवस्था
विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार 10 जून 2026 से यह व्यवस्था प्रभावी हो जाएगी। इसके तहत अन्य राज्यों से बिहार में प्रवेश करने वाले सभी लघु खनिज वाहनों को राज्य की सीमा में प्रवेश से पहले ISTP पोर्टल पर पंजीकरण कर ट्रांजिट पास प्राप्त करना अनिवार्य होगा।यह व्यवस्था बिहार खनिज (समानुदान, अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण निवारण) नियमावली-2019 (यथा संशोधित) के नियम-41 के अंतर्गत लागू की जा रही है।

किन खनिजों पर लागू होगी व्यवस्था
नई प्रणाली के तहत अन्य राज्यों से बिहार में आने वाले निम्नलिखित लघु खनिजों पर ISTP लागू होगा—
• बालू (Sand)
• पत्थर (Stone)
• स्टोन चिप्स
• मोरम
• स्टोन डस्ट
• अन्य लघु खनिज
हालांकि यह व्यवस्था फिलहाल कोयला सहित अन्य वृहद खनिज एवं फ्लाई ऐश (Fly ash) लदे वाहनों पर लागू नहीं होगा।

रेलवे परिवहन को भी जल्द किया जाएगा शामिल
वर्तमान में यह व्यवस्था सड़क मार्ग से आने वाले लघु खनिज वाहनों पर लागू की जा रही है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही रेलवे रैक के माध्यम से होने वाले लघु खनिज परिवहन को भी ISTP प्रणाली के दायरे में लाया जाएगा।

कितना लगेगा शुल्क
विभाग द्वारा निर्धारित विनियामक शुल्क के अनुसार—
• जिन परिवहन चालानों में खनिज की मात्रा वजन (Weight) में अंकित होगी, उनके लिए 60 रुपये प्रति मीट्रिक टन शुल्क देना होगा।
• जिन चालानों में खनिज की मात्रा आयतन (Volume) में अंकित होगी, उनके लिए 85 रुपये प्रति घन मीटर शुल्क निर्धारित किया गया है।
यह भुगतान पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से ISTP पोर्टल पर किया जाएगा।

अवैध परिवहन पर लगेगी रोक
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने कहा कि सरकार खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता, तकनीकी निगरानी और राजस्व वृद्धि के लिए लगातार कार्य कर रही है। ISTP पोर्टल के माध्यम से राज्य में प्रवेश करने वाले लघु खनिज वाहनों की डिजिटल ट्रैकिंग संभव होगी, जिससे अवैध परिवहन और अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में कई मामलों में एक ही चालान के आधार पर बार-बार खनिज परिवहन किए जाने की शिकायतें मिलती रही हैं। नई प्रणाली के लागू होने के बाद ऐसी गतिविधियों पर रोक लगेगी और खनिज परिवहन का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा।

वाहन संचालकों के लिए जरूरी निर्देश
विभाग ने वाहन मालिकों और परिवहनकर्ताओं के लिए कुछ महत्वपूर्ण निर्देश भी जारी किए हैं—
• सभी वाहनों का ISTP पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य होगा।
• विभाग ने वाहन संचालकों से ISTP पोर्टल पर तत्काल पंजीकरण कराने की अपील की है।
• पंजीकरण के बाद प्राप्त यूजर आईडी एवं पासवर्ड से लॉगिन करना होगा।
• अन्य राज्यों से जारी खनिज परिवहन चालान निर्गत होने के 6 घंटे के भीतर ISTP ट्रांजिट पास लेना अनिवार्य होगा।
• ट्रांजिट पास के लिए ऑनलाइन शुल्क भुगतान पोर्टल के माध्यम से ही किया जाएगा।
• ISTP पास की वैधता मूल खनिज परिवहन चालान की वैधता के अनुरूप होगी।
• परिवहन के दौरान ISTP ट्रांजिट पास और मूल खनिज परिवहन चालान दोनों साथ रखना अनिवार्य होगा।

📌 ISTP पोर्टल: https://istp.bihar.gov.in

नियम उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान यदि वाहन चालक के पास ISTP ट्रांजिट पास या मूल खनिज परिवहन चालान में से कोई एक भी दस्तावेज नहीं पाया जाता है तो बिहार खनिज नियमावली-2019 (यथा संशोधित 2026) के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
अवैध खनिज परिवहन में पकड़े गए वाहनों को जब्त किया जाएगा और निर्धारित जुर्माना जमा करने के बाद ही वाहन को मुक्त किया जाएगा।

ISTP लागू होने के बाद क्या होगा?
• 10 जून से व्यवस्था लागूपंजीकरण अनिवार्य
• 6 घंटे के भीतर ट्रांजिट पास लेना होगा
• ₹60 प्रति मीट्रिक टन शुल्क
• ₹85 प्रति घन मीटर शुल्कदोनों चालान साथ रखना जरूरी
• उल्लंघन पर वाहन जब्त और जुर्माना

नीतिगत निर्णयों में मिलेगी मदद
विभागीय सचिव ने बताया कि ISTP पोर्टल के माध्यम से राज्य में आने वाले खनिजों का सटीक डेटा उपलब्ध होगा। इससे सरकार को नीतिगत निर्णय लेने, राजस्व वृद्धि सुनिश्चित करने तथा खनिज संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में सहायता मिलेगी।
उन्होंने बताया कि पोर्टल को पिछले कुछ दिनों से परीक्षण के आधार पर संचालित किया जा रहा था। इस दौरान प्राप्त सुझावों और तकनीकी फीडबैक के आधार पर आवश्यक सुधार किए गए, जिसके बाद इसे औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया है।

मंत्री का दावा: पारदर्शिता और सतत विकास को मिलेगा बल
मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने कहा कि खनिज संसाधन राज्य की अमूल्य संपदा हैं। इनके संरक्षण, न्यायसंगत उपयोग, वैज्ञानिक प्रबंधन और सतत विकास के लिए बिहार सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ISTP पोर्टल न केवल राजस्व संग्रह बढ़ाने में मदद करेगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण और खनिज संसाधनों के सुव्यवस्थित उपयोग को भी सुनिश्चित करेगा।राज्य सरकार का मानना है कि इस नई डिजिटल व्यवस्था से खनिज परिवहन क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी, अवैध कारोबार पर अंकुश लगेगा और बिहार को राजस्व के रूप में महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त होगा।

 

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