जमुई जिले में नाबालिग छात्रा के साथ हुई बदसलूकी के मामले में पुलिस ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी नंदन यादव का एनकाउंटर किया। भागने की कोशिश के दौरान पुलिस ने उसके पैर में गोली मार दी, जिसके बाद उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस के मुताबिक आरोपी मड़वा पहाड़ी के आसपास ही छिपा हुआ था, जहां घटना के समय दोनों छात्र-छात्रा घूमने गए थे।
कैसे हुई गिरफ्तारी
ADG लॉ एंड ऑर्डर सुहिता अनुपम के अनुसार, नंदन पुलिस को देखते ही भागने की कोशिश कर रहा था, इसी दौरान मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी। वायरल वीडियो में लाल गमछा पहने दिख रहे युवक की पहचान नंदन के रूप में की गई थी।
इस कार्रवाई में एक अन्य आरोपी हरेराम को भी गिरफ्तार किया गया, जो जंगल इलाके में छिपा था। पुलिस से बचने के लिए भागते समय गिरने से उसका पैर टूट गया, और उसे भी जमुई सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। इससे पहले घटना का वीडियो वायरल करने के आरोप में रामाशीष चौधरी नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया जा चुका था। अब तक इस मामले में कुल 8 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जिनमें दो की उम्र 35-40 साल, तीन नाबालिग और तीन वीडियो वायरल करने के आरोपी बताए गए हैं।

19 सितंबर की घटना
यह घटना 19 सितंबर की शाम करीब 7 बजे की है। 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले दोनों पीड़ित बच्चे ट्यूशन के बाद जमुई स्थित मड़वा पहाड़ी घूमने गए थे। लौटते समय कुछ युवकों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया, जिसके बाद करीब एक घंटे तक उनके साथ अभद्रता की गई। छात्र ने अपनी दोस्त को बचाने की कोशिश की और खींचतान के बाद किसी तरह उसे आरोपियों के चंगुल से छुड़ाया, लेकिन आरोपी दोनों को परेशान करते रहे। घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया था।
सियासी घमासान
घटना के वायरल होने के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई। केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने राजद नेता तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए सोशल मीडिया पर कड़ी टिप्पणी की। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बिहार सरकार से सवाल पूछा कि शाम 7 बजे राज्य की सड़कों पर लड़कियां सुरक्षित क्यों नहीं हैं। वहीं तेजस्वी यादव ने इसके लिए भाजपा-एनडीए सरकार और प्रधानमंत्री मोदी को जिम्मेदार ठहराया। जदयू अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा कि छिटपुट घटनाओं पर पार्टी संवेदनशील है, जबकि गायक-अभिनेता खेसारी लाल यादव ने घटना को शर्मनाक बताते हुए दोषियों को सख्त सजा की मांग की।
निष्कर्ष
जमुई की यह घटना बिहार में महिला सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और अब तक हुई 8 गिरफ्तारियां राहत की बात हैं, लेकिन घटना पर उठा सियासी बवंडर बताता है कि यह मुद्दा अब कानून-व्यवस्था से आगे बढ़कर चुनावी राजनीति का हिस्सा बन चुका है। मामले की आगे की जांच और अदालती कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी।
