पटना: की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव के लिए गुरुवार को मतदान संपन्न हुआ। इससे ठीक एक दिन पहले, बुधवार को इस चुनावी माहौल के बीच एक बड़ा विवाद तब सामने आया जब जनसुराज पार्टी के करीब बीस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पटना पुलिस ने हिरासत में लिया। इसके बाद पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर स्वयं जक्कनपुर थाने पहुंचे, जहां वहां तैनात थानेदार (SHO) के साथ उनकी तीखी नोक-झोंक हो गई।
थाने में क्या हुआ
प्रशांत किशोर ने थाने पहुंचकर पुलिस अधिकारियों से सीधा सवाल किया कि उनकी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को किस आरोप के तहत हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा कि अगर जनसुराज के किसी कार्यकर्ता ने वाकई कोई गलत काम किया है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए, लेकिन बिना जानकारी दिए किसी को उठा ले जाना स्वीकार्य नहीं है। उनका दावा था कि करीब 17 कार्यकर्ताओं का ठिकाना पुलिस नहीं बता रही थी।
इस दौरान माहौल गरमा गया। SHO ने आरोप लगाया कि उन्हें चारों ओर से घेरकर धमकाया जा रहा है, जबकि प्रशांत किशोर ने पुलिस पर सत्तारूढ़ दल के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। SHO ने जवाब में कहा कि वर्दी में होने की वजह से वे संयम बनाए हुए हैं।
जनसुराज का आधिकारिक पत्र
जनसुराज पार्टी की ओर से निर्वाचन अभिकर्ता अजय द्विवेदी के हस्ताक्षर से एक पत्र पुलिस पर्यवेक्षक को भेजा गया, जिसमें कहा गया कि प्रत्यूष पूर्व, वरुण कुमार, अभय शर्मा, विकास सिंह, अमीर इम्तियाज़, मनीष झा और सुदर्शन मिश्रा जैसे कार्यकर्ताओं को अलग-अलग थानों में हिरासत में रखा गया है। पत्र में इस मामले पर त्वरित संज्ञान लेने की मांग की गई।
पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरव सिंह ने कहा कि यदि जनसुराज के कार्यकर्ताओं ने कोई गलत काम किया है तो पुलिस निश्चित रूप से कार्रवाई करे, लेकिन आरोप स्पष्ट होने चाहिए। पार्टी की महिला मोर्चा अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने भी प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया।
JDU ने दर्ज कराई शिकायत
इस पूरे घटनाक्रम के बीच, JDU की ओर से पटना के शास्त्री नगर थाने में प्रशांत किशोर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई। पार्टी के MLC नीरज कुमार ने पीके पर तीखा हमला बोलते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
AI वीडियो विवाद भी सुर्खियों में
इससे पहले प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार की एक वायरल वोट अपील वीडियो को लेकर दावा किया था कि यह वीडियो असली नहीं बल्कि AI जेनरेटेड है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि सरकारी तंत्र का इस्तेमाल कर एनडीए उम्मीदवार के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है।
निष्कर्ष
बांकीपुर उपचुनाव के दौरान सामने आया यह विवाद यह दर्शाता है कि मतदान के अंतिम चरण में राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर रही। हालांकि, दोनों पक्षों के आरोप अभी तक प्रशासनिक स्तर पर आधिकारिक रूप से पुष्ट नहीं हुए हैं। परिणाम तीन अगस्त को घोषित होंगे, जिन पर सबकी नजर टिकी है।
