रावड़ी चाहती थीं बेटा MLC बने, लालू चाहते थे बेटी — दोनों ने किया मना, तेजस्वी की authority पर सवाल

एक तरफ मां चाहती हैं बेटा MLC बने। दूसरी तरफ पिता चाहते हैं बेटी MLC बने। लेकिन ना बेटा मान रहा है, ना बेटी। और बीच में खड़े हैं तेजस्वी यादव — जो तय करेंगे असली उम्मीदवार कौन होगा। यह है आज बिहार की सबसे बड़ी राजनीतिक घर-वापसी की कहानी। बिहार विधान परिषद की नौ सीटों पर चुनाव होना है। महागठबंधन के पास 35 विधायक हैं। यानी सिर्फ एक सीट जीत सकते हैं। तो वो एक सीट किसे मिलेगी? इसी एक सवाल ने लालू परिवार के अंदर एक बड़ी हलचल मचा दी है।राबड़ी देवी को चिंता है अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की। वो RJD से अलग हो चुके हैं, अपनी पार्टी जनशक्ति जनता दल — JJD बना चुके हैं। ना विधायक हैं, ना सांसद। कोई पद नहीं।तो राबड़ी देवी ने घर के अंदर पैरवी की। लालू को मनाया, तेजस्वी को मनाया, कि मेरे बड़े बेटे को इस बार MLC बना दो। तेजस्वी राज़ी भी हो गए। लेकिन शर्त रखी, RJD के टिकट पर।और यहीं पर अड़ गए तेज प्रताप। उन्होंने साफ कहा, अगर MLC बनना है तो JJD के उम्मीदवार के तौर पर बनूंगा। RJD का तमगा नहीं चाहिए। वो कहते हैं, लालू जी की असली पार्टी अब JJD है। बात यहीं रुक गई। तेज प्रताप बनते-बनते रह गए MLC.

दूसरी तरफ लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य — जो सिंगापुर में रहती हैं, जिन्होंने अपने पिता को किडनी देकर नई ज़िंदगी दी। वो पिछले कई महीनों से परिवार से नाराज़ हैं। तेजस्वी से बड़ा झगड़ा हुआ, राबड़ी आवास छोड़ दिया। अब लालू सिंगापुर जा रहे हैं। और खबरें उड़ीं कि रोहिणी आचार्य को RJD कोटे से MLC बनाया जा सकता है। रोहिणी भड़क उठीं। उन्होंने X पर लिखा — “घुसपैठियों और साजिश करने वालों का गिरोह, मीडिया मित्रों की मदद से यह अफवाह फैला रहा है। बुरी नियत वालों का मुंह फिर होगा काला। “उन्होंने साफ कहा — MLC की ना दावेदार हूं, ना उम्मीदवार।

तो तस्वीर यह है —राबड़ी चाहती थीं तेज प्रताप MLC बनें — तेज प्रताप ने मना किया। लालू चाहते थे रोहिणी MLC बनें — रोहिणी ने मना किया। और इन दोनों के बीच तेजस्वी यादव की स्थिति सबसे दिलचस्प है। वो RJD के मुखिया हैं। टिकट उनके हाथ में है। लेकिन परिवार के दो सदस्यों ने उनकी पार्टी का टिकट ठुकरा दिया। यह सिर्फ टिकट का मामला नहीं है — यह RJD के अंदर तेजस्वी की authority का सवाल है। परिवार ही जब पार्टी पर भरोसा नहीं कर रहा, तो बाकी नेताओं का क्या हाल होगा? मीसा भारती लोकसभा सांसद हैं। तेजस्वी नेता प्रतिपक्ष रहे हैं। लेकिन तेज प्रताप और रोहिणी — दोनों बाहर हैं, दोनों नाराज़ हैं। यह लालू परिवार की वो तस्वीर है जो कभी सबने नहीं देखी थी। एक परिवार, एक पार्टी — लेकिन अलग-अलग दिशाएं। देखना यह है कि सिंगापुर की मुलाकात के बाद क्या लालू यह परिवार जोड़ पाते हैं।